स्किल्स अपनाएं, अपने कल को बेहतर बनाएं

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नई दिल्ली। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी ने संस्थान के जम्मू कैंपस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय अपनी गति के अनुसार बढ़ रहा है और सब कुछ उसी के साथ अपग्रेड हो रहा है। शिक्षा का स्तर भी आगे बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में कंपनियों की डिमांड भी बढ़ेंगी और वे नए नए ढंग से उम्मीदवारों का चुनाव करेंगी। कुछ स्किल्स को अपनी शिक्षा में शामिल कर आप अपने करियर में आने वाली हर चुनौती का सामना कर पाएंगे।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि जम्मू परिसर के छात्रों की क्षेत्रीय और भाषाई विविधता से सामाजिक जीवन जीने की कला सीखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में आप अपनी रुचि के कारण आए हैं और यदि इन पाठ्यक्रमों की अल्प अवधि के दौरान आपने अपने कौशल का विकास कर लिया, तो आठ-दस वर्ष के बाद आप आप पाएंगे कि आपने जो दिल से सोचा था, वो ठीक ही सोचा था।

आईआईएमसी के महानिदेशक के अनुसार जम्मू कैंपस में डिजिटल मीडिया और हिंदी पत्रकारिता का यह पहला बैच है। ऐसे में परिसर के विकास में विद्यार्थियों की भूमिका अहम है। परिसर की साफ-सफाई पर ध्यान दें, प्रकृति का संरक्षण करें, लाइब्रेरी में समय दें और एक अच्छे माहौल का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि आप नई पीढ़ी के हैं, नया नजरिया है, ऐसे में जम्मू परिसर को ऐसा बनाएं, जिससे आने वाले बैच का ध्यान इस परिसर की ओर हो। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां से आये हैं। आप खुद लायक बनें और परिवार, समाज एवं राष्ट्र को लायक बनाएं।

मीडिया के छात्रों से संवाद करते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि एक संचारक के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि एक सामान्य से नागरिक को समर्थ बनाएं। वर्तमान समय में ऑर्डिनरी पोजीशन में रहकर भी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी पोजीशन में पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह दौर क्रिएटिविटी और आइडिया का है। दुनिया भर में तकनीक, मेडिकल आदि में सर्वश्रेष्ठ लोगों में भारतीयों का नाम है। ये हमारे लिए प्रेरणा और गर्व का विषय है।