ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे रही है PMGSY

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लखनऊ। प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यही कारण है कि सरकार ग्रामोत्थान की दिशा में गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ते हुए पिछले पांच वर्षो में 12 हजार किलोमीटर से ज्यादा की सड़क बना चुकी है। जिस पर करीब साढ़े 6 हजार करोड़ से ज्यादा का व्यय किया गया है। अगले दो वर्ष में 15 हजार करोड़ रुपए की लागत से 19 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4106.46 किलोमीटर सड़क बनाई गई। इसमें 1822 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। ऐसे ही वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1688.27 किलोमीटर सड़क बनाई गई। इसमें 1134.80 करोड़ रुपए व्यय किया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में 376.08 किलोमीटर सड़क बनाई गई। जिस पर 356.63 करोड़ रुपए व्यय किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 717.75 किलोमीटर सड़क बनाई गई। जिस पर व्यय की राशि 440.19 करोड़ रुपए है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 3368.44 किलोमीटर सड़क बनाई गई। जिस पर 2074.24 करोड़ रुपए व्यय किए गए है।

इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2022-23 में 19 जुलाई तक 2055.734 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा किया गया है। जिस पर 686.30 करोड़ व्यय किया गया है। वर्ष 2017 में योगी सरकार आने के बाद से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने नई क्रान्ति लाने का काम किया है। गांव गांव में मजरों तक नई सड़क बनने से उत्तर प्रदेश निरंतर तरक्की कर रहा है। संचार माध्यम गांव-गांव तक पहुंच रहे है। नई सड़कों के निर्माण से गांव गांव में एंबुलेंस और अन्य चिकित्सीय सुविधाएं आसानी से पहुंचने लगीं है। इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी आवागमन शुरू होने से आमजन अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच रहे हैं।

योगी सरकार ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 में गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया है। ग्रामीण आबादी का सामाजिक आर्थिक विकास में योगदान करते हुए माल के बेहतर वितरण और सेवाओं सुविधाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त करने में सड़कों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के नियोजित विकास में ग्रामीण सड़कों का विकास सरकार के लिए एक प्रमुख फोकस है।यही वजह है कि कॉविड काल में भी सड़कों का निर्माण नहीं रुका।

मालूम हो कि सीएम योगी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। अर्थव्यव्यवस्था में ग्रामीण आबादी का योगदान बढ़ाने के लिए योगी सरकार कई पहलुओं पर काम कर रही है। ऐसे में ग्रामीण आबादी का सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान करते हुए माल के बेहतर वितरण और सेवाओं, सुविधाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त करने में सड़कों में महत्वपूर्ण योगदान होता है।गांवों को सड़कों से जुड़ने से आवाजाही की सुविधा के साथ कारोबार-व्यापार को भी बढ़ावा मिल रहा है। मौजूदा ग्रामीण सड़कों के उन्नयन से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के लिए परिवहन सेवाओं के प्रदाता के रूप में सड़क नेटवर्क की समग्र दक्षता में सुधार हो रहा है।

कारोबार-व्यापार हो रहा आसान : सड़क से जुड़ने से गांवों में न सिर्फ आवागमन, बल्कि ग्रामीणों के लिए कारोबार-व्यापार भी आसान हो गया है। गांवों को सड़कों से जुड़ने से आवाजाही की सुविधा के साथ ग्रामीण इलाकों में भी फैक्ट्री आदि लगाना आसान हो गया है। इससे ग्रामीणों के जनजीवन में सुधार आएगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। साथ ही सड़कों के बनने से अधिकांश किसान अनाज, सब्जी, दूध आदि को आसानी से मंडी और बाजार तक पहुंचा रहे हैं और आसानी से बेच पा रहे हैं। इससे उनकी आय भी बढ़ रही है। इसके अलावा गांवों तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो रही है।