डाकिया बाबू भी हो गए डिजिटल, कराएंगे घर बैठे ई-शाॅपिंग

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डाकिया बाबू भी हो गए डिजिटल, कराएंगे घर बैठे ई-शाॅपिंग…. पढ़ कर चौंकिए नहीं, स्विगी और ज़ोमाटो को भूल जाएंगे, ये पुराने पड़ गए ऊपर से मंहगाई के इस दौर में ये जेब को भी अच्छा खासा ढीला करने पर तुले हैं। गुज़रे ज़माने का घर-घर गहरी पैठ रखने वाला एक ऐसा प्योर देसी दमदार ब्रांड डिजिटल अवतार में फिर से अखाड़े में उतर आया है। कुछ पल इंतजार करिए, बता रहे हैं, फिर कह रहे हैं कि इसका नाम चौंका सकता है। ई- कामर्स के बाजार में घमासान बस शुरू ही होने वाला है, बिगुल बज भी चुका है। वैसे नाम से आप अच्छी तरह वाकिफ हैं डाक- पोस्ट ऑफिस, पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय लिफाफा रूपी चिट्ठी और मनीआर्डर, घरों में डाक बाबू जिनके आने का बेताबी से इंतजार किया जाता और लोग इन्हें बड़े प्यार-इज़्जत से ‘डाकिया बाबू’ पुकारते।

अब भारत सरकार के डाकिया बाबू आपको पसंदीदा सामान दुकान से उठाकर आपके घर पर यपोस्टकार्ड-चिट्ठी-मनीआर्डर की तरह डिलीवर कर देंगे। याद करिए करवट लेती टेक्नोलॉजी ने डाकविभाग डाकखानों को बेदम कर दिया था और बदलती टेक्नोलॉजी ने ही इसे डिजिटल स्वरूप देकर पुनर्जन्म दिया है। कहते हैं’ समय बड़ा बलवान’। डाक विभाग के दिन बहुर रहे हैं।

डाक विभाग ने इधर कई गंठजोड़ किए हैं जिनके जरिए यह पूरी तैयारी के साथ ई-कामर्स में उतर आया है। पिछले सप्ताह तृप्ता टेक्नोलॉजी और व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन ‘कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स’ (सीएआईटी) के साथ गठजोड़ किया है, केंद्रीय संचार राज्य मंत्री देव सिंह चौहान की मौजूदगी में समझौता पर हस्ताक्षर किए गए। देश के कोने-कोने के सात करोड़ से अधिक व्यापारी फेडरेशन से जुड़े हैं, शहरों-कस्बों से लेकर दूर दराज तक पहुंच रखने में सक्षम डाक विभाग के १.५९ लाख पोस्टऑफिस, समझौते से व्यापारियों और डाक विभाग दोनों की बल्ले-बल्ले।

डाक विभाग ने इसके अलावा केंद्र सरकार के ‘जेम’ यानी गवर्नमेंट ईमार्केटप्लेस और रीजनल सेंटर्स ऑफ ट्राइबल कोआपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से भी गठजोड़ किया है। अब जानिए सबसे महत्व की बात- डाक विभाग और ओपन नेटवर्क फाॅर डिजिटल कामर्स (ओएनडीसी) के बीच समझौता हुआ है। ओएनडीसी एक अलाभकारी स्वदेशी ई-कामर्स संगठन है जिसकी स्थापना वाणिज्य मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री ऐंड इंटर्नल ट्रेड(डीपीआईआईटी) ने की है। ओएनडीसी लाजिस्टिक सेव प्रदाता डिजिटल प्लेटफार्म है, इसके एप के जरिए कोई भी सामान खरीदने का आर्डर प्लेस कर सकता है।

डाक विभाग, सीएआईटी और तृपता टेक्नोलॉजीज़ ने मिलकर ‘भारत ई_कामर्स’ को प्रमोट किया है। तृपता टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड को 2021 में मुंबई कंपनी रजिस्ट्रार में पंजीकृत कराया गया, इसका रजिस्टर्ड ऑफिस नागपुर में है। तृपता के प्रमोटर जुबिन फरदून ईरानी और बालकृष्ण चतुर्भुज भरतिया हैं, प्रवीण शाह बतौर निदेशक 2022, 21 जनवरी से जुड़े हैं, प्रवीण खंडेलवाल भी कंपनी में निदेशक हैं। विशेष जानकारी यह है कि स्विगी और ज़ोमाटो के मुकाबले ओएनडीसी 20-25 प्रतिशत सस्ता पड़ता है। ओएनडीसी को मौजूदा में प्रतिदिन औसतन 9-10 हजार आर्डर मिल रहे हैं।

प्रणतेश बाजपेयी