गुलाबी जल वाली हिलैयर झील

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गुलाबी जल वाली हिलैयर झील… देश-दुनिया-जहाँ की धरती प्राकृतिक सौन्दर्य… प्राकृतिक खजाना… प्राकृतिक उपहारों की श्रंखला से लबरेज दिख रही। प्राकृतिक धरोहरों व उपहारों की श्रंखला निश्चय ही मन मोह लेती है। इन अप्रतिम सौन्दर्य उपहारों के देखने wotching के लिए देश-दुनिया के सौन्दर्य प्रेमी व पर्यटक world tourist खिचे चले आते हैं। पश्चिमी आस्ट्रेलिया की ‘गुलाबी झील” (पिंक लेक) hillair lake भी प्राकृतिक खजाना का दुनिया को एक अद्भूत उपहार है।

pink color water यानि गुलाबी रंग के पानी वाली ‘हिलैयर झील” का जल भले ही खारा हो लेकिन उसका सौन्दर्य उसकी beauty मन को लुभाती है। दक्षिणी महासागर से ताल्लुक रखने वाली ‘हिलैयर झील” की लम्बाई व चौड़ाई बहुत अधिक नहीं है फिर भी अपनी विशिष्टता के कारण world में बेहद populer यानि देश-दुनिया में उसकी ख्याति है।

करीब ढ़ाई सौ मीटर चौड़ी व लगभग छह सौ मीटर लम्बी इस विलक्षण झील में पानी की खासियत की एक लम्बी श्रंखला है। इस झील के चारो ओर रेत का फैलाव है। झील चौतरफा लकड़ी के जंगलों से घिरी है। इस जंगल में पेपरबर्क व नीलगिरी के पेड़ों की लम्बी श्रंखला है। इसमें वनस्पतियों के पेड़-पौधे हैं medicinal tree हैं तो वहीं रेत के टीले बहुतायत में दिखेंगे। झील की सबसे बड़ी खासियत-विशेषता उसके पानी का रंग गुलाबी pink होना है।

झील का यह जल किसी खास समय पर गुलाबी नहीं होता बल्कि इसका जल हमेशा गुलाबी रहता है। झील का यह जीवंत गुलाबी रंग स्थायी है। वर्षा या अन्य ऋतुओं का इस झील के गुलाबी पानी पर कोई असर या फर्क नहीं पड़ता।

इस विलक्षण झील को खोजने वाले मैथ्यू पिलंडर्स थे। वर्ष 1802 में एक अभियान के दौरान उनकी नजर गुलाबी जल वाली इस विलक्षण झील पर पड़ी। शायद इसी लिए इस झील को ‘पिलंडर्स पीक” भी कहा जाता है।

अभिलेखों में ‘गुलाबी रंग की छोटी झील” का उल्लेख मिलता है। विशेषज्ञों की मानें तो वर्ष 1803 में पिलंडर्स ने एक बार फिर मध्य द्वीप का दौरा किया। इस बार पिलंडर्स अपने साथ इस गुलाबी झील का पानी पीपों यानि cane में भर कर ले आये। इसके बाद इस विलक्षण झील के पानी के व्यावसायिक उपयोग पर शोध-खोज प्रारम्भ हुयी। व्यावसायिक संभावनाओं की जांच-पड़ताल में सामने आया कि इस पानी का उपयोग नमक बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

इस पानी में हलोपलिक नमक व क्रुस्ट्स वैक्टेरिया भी पाये जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो 19 वीं सदी में यह क्षेत्र नमक खनन क्षेत्र में था। पश्चिमी आस्ट्रेलिया के प्रशासन ने वर्ष 2012 में द्वीपसमूह नेचर रिजर्व संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया। इस तटीय रेखा को अब मनोरंजक क्षेत्र घोषित कर दिया गया हैं। लिहाजा world tourist के atraiction का center बन गई है pink lake.. ऐसा नहीं है कि खारा तत्व व खारा पानी होने के कारण जलीय जीव का कोई संकट होगा। गुलाबी जल में जलीय जीवन भी पर्याप्त तादाद में हैं। इस गुलाबी जल से मनुष्य को कोई खतरा नहीं दिखता। इस झील में गुलाबी बबल गम भी देखे जा सकते हैं तो तटीय रेखा पर नमक की परत आसानी से देखी जा सकती है।