हरी सब्जियों से शरीर के आंतरिक अंगों में ऐसे लगाएं झाड़ू पोछा

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सर्दी के मौसम में हरी सब्जियां शरीर को पोषण प्रदान करने के साथ-साथ अनेकों बीमारियों के निदान में भी बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। हरी सब्जियों की गुणों रोग निवारक गुणों और उनकी पौष्टिकता के संदर्भ में बहुत ही सटीक जानकारी देश के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ रविंद्र पोरवाल मुख्य चिकित्साधिकारी श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट सिविल लाइंस कानपुर ने दी है।

रोगहरता व पौष्टिकता का खजाना : हरी सब्जी में पोटेशियम, कैल्शियम, आईरन जिंक, मैग्नीशियम, फाइबर अनेक जीवनदायी विटामिन, प्रोटीन और अमीनो एसिड से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से बड़े हुए यूरिक एसिड से होने वाली बीमारी गठिया, जोड़ों की कट कट की आवाज के साथ दर्द सूजन का कष्ट देने वाली बीमारी ओस्टियोआर्थराइटिस, डायबिटीज, दिल संबंधी बीमारी उच्च रक्तचाप, पुरानी खांसी दमा कफ के साथ सांस संबंधी बीमारी, त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याएं खाज खुजली चकत्ते कील मुंहासे झाइयां, फैटी लीवर, पाचन की समस्याएं एसिडिटी गैस बनना कोलाइटिस बवासीर और भगंदर जैसे कष्टकारी रोग से मुक्ति पाने में मददगार है।

हरी सब्जियों में विशेषकर टमाटर गाजर में पाया जाने वाला लाइकोपिन शरीर की रक्षा प्रणाली को सशक्त और मजबूत बनाने के साथ-साथ कैंसर जैसे घातक दुश्मन को भी शरीर से खदेड़ कर बाहर रखने की क्षमता रखता है। साथ ही साथ चिर युवा बनाए रखने के लिए लाइकोपिन बहुत महत्वपूर्ण तत्व है।

इम्यूनिटी को बूस्ट अप करें : हरी सब्जियां शरीर के अंदर मिनरल्स विटामिंस एंटीऑक्सीडेंट्स की यथोचित मात्रा में पूर्ति करने के साथ-साथ शरीर की रक्षा प्रणाली को भी सशक्त बनाने का सहज और सरल उपाय है। जो लोग अक्सर बीमार हो जाते हैं या छोटे बच्चे जिन्हें जल्दी-जल्दी सर्दी जुखाम बुखार या अन्य समस्याएं घेरे रहती हैं। उन्हें जब भरपूर मात्रा में हरी सब्जियां दी जाती है तो उनकी इम्यूनिटी बढ़ जाती है और वह जल्दी अस्वस्थ नहीं होते।

आंतरिक अंगों में झाड़ू पोछा लगाएं : हरी सब्जियां शरीर के आंतरिक अंगों में एकत्रित रोग कारक जहरीले हानिकारक तत्वों को बलपूर्वक शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है और शरीर के आंतरिक अंगों को स्वच्छ निरोगी बनाती है। आयुर्वेद के शास्त्र कहते हैं कि सर्वे रोग भवंतु मलाश्रया अर्थात शरीर के आंतरिक अंगों में ऐसे तत्वों का इतनी ज्यादा मात्रा में शरीर में इकट्ठा होना जितनी शरीर को जरूरत नहीं है यही अस्वस्थता का, बीमार होने का मूल कारण है। हरी सब्जियों में पाए जाने वाले पोषक तत्व और उत्कृष्ट श्रेणी का फाइबर शोधन का कार्य करके शरीर के आंतरिक अंगों में एकत्रित विजातीय तत्वों को शरीर से बाहर निकाल कर शरीर को रोगमुक्त बनाता है। यह ऐसे उपयोगी पोषकतत्व जो भले ही शरीर के लिए जरूरी हो लेकिन शरीर को उसकी आवश्यकता अगर तत्कालिक रूप से नहीं है तो ऐसी तत्वों की अतिरिक्त मात्रा को शरीर से निष्कासित कर शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

उदाहरण के लिए शरीर को फैट यानी चर्बी की आवश्यकता विभिन्न जैव रासायनिक क्रियाओं के संचालन के लिए होती है। किंतु अतिरिक्त मात्रा में अगर चर्बी शरीर के विभिन्न अंगों में एकत्रित हो जाए तो यह विजातीय तत्व की तरह हानिकारक होती है और मोटापा पैदा करके शरीर को बेडौल कर देती है, हरी सब्जियों के सेवन से शरीर के आंतरिक अंगों में आरोग्यता की दृष्टि से संतुलित मात्रा में ही आवश्यक पोषक तत्व पहुंचते हैं।

पेस्टिसाइड्स और जहरीले केमिकल से करें बचाव : अस्वच्छता के कारण या प्रदूषण या जंक फूड जैसे बिस्किट, दालमोठ, नमकीन, भुजिया और फास्ट फूड, मेंगी, समोसा, बर्गर आदि के सेवन से शरीर में बड़ी मात्रा में पेस्टिसाइड्स रंग और जहरीले केमिकल्स पहुंच जाते हैं जो बहुत ही नुकसानदायक होते हैं। इन्हें शरीर से निकालने के लिए प्रतिदिन एक कटोरी प्रातः व रात को खाने में हरी सब्जियों विशेषकर पत्तेदार हरी सब्जियों का सेवन करने से चमत्कारिक लाभ मिलता है।