घुमक्कड़ी भी बने जिंदगी का हिस्सा

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जिंदगी में घुमक्कड़ी न हो तो आनन्द की अनुभूति में कहीं न कहीं एक ब्रोक सा दिखता है। जी हां, अत्याधुनिक युग में व्यक्ति आपाधापी की जिंदगी जी रहा है। जिंदगी में आनन्द की अनुभूति के लिए आवश्यक है कि जिंदगी के कुछ पल दैनिक चर्या से एकदम अलग-थलग हों। अब इसके लिए आवश्यक है कि व्यक्ति में जिंदादिली के साथ-साथ घुमक्कड़ी का भी शौक हो। तनाव रहित जीवन के लिए कुछ समय घुमक्कड़ी के लिए अवश्य निकालना चाहिए। घुमक्कड़ी से व्यक्ति का मन-मस्तिष्क एक ताजगी का अहसास करता है।

वस्तुत: देखें तो घुमक्कड़ी व्यक्ति को ऊर्जा एवं शक्ति प्रदान करती है। ताजगी, ऊर्जा एवं शक्ति से कार्यक्षमता में निरन्तर विकास होता है बल्कि व्यक्ति की उत्पादकता में वृद्धि होती है। आशय यह कि कम समय में अधिक कार्य करने की क्षमता विकसित होती है। इसके लिए आवश्यक है कि व्यक्ति माह से लेकर वर्ष तक घुमक्कड़ी को अपनी योजना मे शामिल करे। नौकरी-पेशा व्यक्ति सदैव तो घुमक्कड़ी की योजना बना नहीं सकता। लिहाजा व्यक्ति को माह में एक बार घूमने-फिरने का प्रोग्राम बनाना चाहिए। घूमने-फिरने या सैर सपाटा का यह प्रोग्राम शहर आधारित होना चाहिए। घुमक्कड़ी का प्रोग्राम शहर के बाहर भी निकटतम स्थान पर आधारित बनाना चाहिए।

कारण अल्प अवधि का प्रोग्राम अधिक दूरी की यात्रा को लेकर नहीं बनाया जा सकता। इस मासिक सैर सपाटा में पति-पत्नी एवंं बच्चों सहित माता-पिता को लेकर घुमक्कड़ी पर जा सकते हैं। इससे व्यक्ति के माता-पिता को भी एक ऊर्जा एवं नयापन मिलेगा तो वहीं दादा-दादी के साथ नाती-पोते भी प्रफुल्लित एवं ऊर्जावान होंगे। इस मासिक घुमक्कड़ी का कार्यक्रम अधिकतम सुबह से शाम की अवधि का होना चाहिए। इसे वन डे टूरिज्म भी कह सकते हैं। हां, इतना अवश्य है कि इस वन डे टूरिज्म या घुमक्कड़ी में माता-पिता की अवस्था एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। यह मासिक घुमक्कड़ी परिवार में एक खास ऊर्जा का संचार करेगी तो परिवार सदैव ताजगी से लबरेज रहेगा। मासिक घुमक्कड़ी के साथ ही वर्ष में एक बार किसी अति दर्शनीय स्थल की सैर पर अवश्य जाना चाहिए।

यह घुमक्कड़ी का प्लान कम से कम एक सप्ताह से लेकर 15 दिन की अवधि का बनाना चाहिए। इस टूर प्लानिंग में परिवार के साथ पूरी तरह से इंज्वाय करें। निश्चित रूप से यह टूर प्लानिंग तनाव से मुक्त कर शरीर को आक्सीजन से भरपूर कर देगी। खुद को व्यक्ति बेहद ऊर्जावान होने का अहसास करेगा। संभव हो तो व्यक्ति को इस टूर प्लानिंग के लिए किसी हिल स्टेशन की यात्रा का चयन करना चाहिए। कारण, हिल स्टेशन व्यक्ति को प्रकृति की गोद में होने का अहसास करायेगा। कभी बादलों का रोमांचक अहसास होगा तो कभी बर्फबारी का आनन्द होगा। व्यक्ति इन यात्राओं के दौरान मखमली घास का मर्मस्पर्शी अहसास भी करेंगे।

यदि व्यक्ति धर्म के प्रति आस्था एवं विश्वास रखता है तो धार्मिक पर्यटन की यात्रा का चयन करना चाहिए। आस्था एवं विश्वास के यह धार्मिक पर्यटन व्यक्ति एवं परिवार को मानसिक, आध्यात्मिक एवं धार्मिक रूप से सुद्रढ़ करते हैं। इतना ही नहीं, यदि व्यक्ति आर्थिक रूप से अत्यधिक सम्पन्न हैं तो विदेश यात्रा कर सैर सपाटा कर सकते हैं। इन यात्राओं के बाद व्यक्ति या परिवार एक विशेष ऊर्जा एवं ताजगी का अहसास करेंगे। यह अहसास ही व्यक्ति को आनन्द की अनुभूति करायेगा। लिहाजा व्यक्ति को घुमक्कड़ी को जिंदगी का अहम हिस्सा बनाना चाहिए।