यूपी में बनेेंगे सात ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

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यूपी में सड़कों के लिए अगले पांच सालों में पांच लाख करोड़ रुपये…

लखनऊ। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश में सात ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस बनाए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में यूपी को पांच लाख करोड़ रुपये सड़क बनाने के लिए देंगे। अभी तो यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म बाकी है। यूपी का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बाराबर होगा। ऐसा करने के लिए यहां डबल इंजन (मोदी-योगी) की सरकार जरूरी है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार यूपी के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री ने यूपी में बॉयो फ्यूल उत्पादन की दिशा में किए जा रहे सफल प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि अब देश में दोपहिया-चारपहिया वाहन उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा बनाए गए बायो इथेनॉल से चलेंगे। इससे किसानों के साथ यह प्रदेश भी और समृद्ध होगा। गडकरी बुधवार को प्रदेश के कानपुर, लखनऊ व प्रयागराज को केंद्र में रखकर 26778 करोड़ रुपये की लागत से 821 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण, शिलान्यास व निर्माण कार्य का शुभारंभ कर रहे थे।

लखनऊ में अमौसी मेट्रो के निकट आयोजित लोकार्पण व शिलान्यास समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि यूपी में सात नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। सीएम योगी की कर्मभूमि गोरखपुर से सिलीगुड़ी (बंगाल) तक ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस हाईवे की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस हाईवे गोरखपुर बाईपास से बिहार होकर सिलीगुड़ी जाएगा। 519 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 32 हजार करोड़ रुपये होगा। इसका कार्य 6 महीने में शुरू हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी, बिहार, बंगाल के पिछड़े क्षेत्रो से गुजरेगा। उत्तर प्रदेश में इसकी लंबाई 84 किलोमीटर, बिहार में 416 किलोमीटर, बंगाल में 18 किलोमीटर होगी, इसकी डीपीआर सितंबर 2022 में पूरी हो जाएगी।

इसी क्रम में उन्होंने इटावा से कोटा तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश राजस्थान को जोड़ने के लिए चंबल एक्सप्रेसवे की घोषणा की। साथ ही कहा कि वाराणसी-कोलकाता के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। गाज़ीपुर से 5 हजार करोड़ की लागत से 30 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाकर वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।

गडकरी ने कहा कि लखनऊ से कानपुर हाईवे का काम दिसंबर 2022 से शुरू हो जाएगा, कानपुर शुक्लागंज से लखनऊ रिंग रोड में जुड़ेगा। चंबल एक्सप्रेस वे 8 हजार करोड़ की लागत से 358 किलोमीटर लम्बा इटावा से शुरू होकर, श्योपुर मध्यप्रदेश के साथ भिंड मुरैना से होकर कोटा जाएगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, मुम्बई कॉरिडोर से जुड़ेगा।

22 नए बाईपास की भी घोषणा : केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि हम लोग उत्तर प्रदेश में 18 बाईपास का निर्माण कर रहे हैं। इसी के साथ 22 नए बाईपास की घोषणा भी की जा रही है जो 11 हजार करोड़ की लागत से बनेंगे। इससे लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। ये सारे काम अगले 4 से 6 महीने में शुरू हो जाएंगे।

डंके की चोट पर पूरे होंगे सारे काम : गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जब मैं राजनीति में होने के कारण करोड़ो रुपये की बात करता हूं, तो आप रिकॉर्ड कर लीजिए। डंके की चोट पर कह रहा हूं, जो कहता हूं करके दिखाता हूं। ये सारे काम डंके की चोट पर होकर रहेंगे।

योगी के नेतृत्व की मक्तकंठ से सराहना : केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने उत्तर प्रदेश में मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की मक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश में कानून को अपने हाथ में लेते थे, ऐसे लोगों को योगी जी ने बुलडोजर से उखाड़ कर फेंक दिया है। विकास की रफ्तार तेज और शानदार है। गडकरी ने एक्सप्रेस हाईवे के क्षेत्र में सीएम योगी की तरफ से तेज रफ्तार से किए जा रहे कार्यों की भी तारीफ की। उन्होंने यूपी के समग्र विकास के लिए योगी जी की सरकार को एक बार फिर मौका देने की लोगों से अपील की।

देश के विकास के लिए हुआ है भाजपा का जन्म : गडकरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का जन्म इस देश के विकास के लिए हुआ है, देश के भविष्य को बदलने के लिए हुआ है। ‘हम दिन दो-चार रहें न रहें, तेरा वैभव अमर रहे मां।’ देश के प्रति यही हमारा सिद्धांत रहा है।

जाम की समस्या का होगा समाधान : गडकरी ने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एनएच 27 पर मटियारी फ्लाईओवर को शहीद पथ से जोड़ने की मांग की थी। लखनऊ रिंग रोड दिसंबर 2022 तक बन जाने से ट्रैफिक कम हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने रक्षामंत्री के सुझाव पर शहीद पथ के प्रस्ताव को स्वीकार करने की घोषणा की। कहा कि इस पर भी जल्द ही काम शुरू होगा। साथ ही उन्होंने मोहनलालगंज की परियोजना को भारतमाला-दो परियोजना से जोड़ने का एलान किया।

रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसे मिली सौगात

कानपुर में लोकार्पण
– आगरा इटावा बाईपास, एनएच 2, पर 124 किमी लम्बाई में सिक्स लेन चौड़ीकरण। लागत – 3490 करोड़ रुपये

– अलीगढ़ कानपुर खंड के कल्याणपुर से नवीगंज (पैकेज 3), एनएच 91पर 61 किमी लम्बाई में फोर लेन चौड़ीकरण। लागत – 2504 करोड़ रुपये

– अलीगढ़ कानपुर खंड के भदवास से कल्याणपुर (पैकेज 2), एनएच 91पर 45 किमी लम्बाई में फोर लेन चौड़ीकरण। लागत – 2304 करोड़ रुपये

– कानपुर में झकरकटी बस अड्डे (एनएच 91) पर आरओबी निर्माण। लागत – 108 करोड़ रुपये

कानपुर में निर्माण कार्य का शुभारंभ
– कानपुर-लखनऊ सिक्स लेन एक्सप्रेसवे (ग्रीनफील्ड) का निर्माण। लम्बाई 63 किमी, लागत 4270 करोड़ रुपये

– सीतापुर एवं हरदोई जिले के तहत सीतापुर से कुरैन खण्ड (एनएच 330डी) का चौड़ीकरण एव उन्नयन। लम्बाई 39 किमी, लागत 506 करोड़ रुपये

– कानपुर में रामादेवी से गोल चौराहा खण्ड (एनएच 91) पर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण। लम्बाई 10 किमी, लागत 1000 करोड़ रुपये

– हरदोई जिले में बिलग्राम से हरदोई-कन्नौज (एनएच 330डी) मार्ग का सुदृढ़ीकरण। लम्बाई 22 किमी, लागत 17 करोड़

लखनऊ में इन कार्यों का हुआ लोकार्पण
– तुलसीपुर बढऩी खंड (एनएच 730) का चौड़ीकरण एवं उन्नयन। लंबाई 34 किमी, लागत 250 करोड रुपए

– बहराइच बाईपास (एनएच 28सी) का निर्माण। लम्बाई 5 किमी, लागत 148 करोड़ रुपये

– बलरामपुर-तुलसीपुर खण्ड (एनएच 730) का चौड़ीकरण एवं उन्नयन। लम्बाई 27 किमी, लागत 213 करोड़ रुपये

– फतेहपुर से महमूदाबाद व लहरपुर से लखीमपुर/सीतापुर खण्ड (एनएच 727 एच) का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण। लम्बाई 28 किमी, लागत 64 करोड़ रुपये

लखनऊ में शिलान्यास
– रायबरेली रिंग रोड फेज 2 का चौड़ीकरण एवं उन्नयन। लंबाई 22 किमी, लागत 1250 करोड रुपये

– सीतापुर-लखीमपुर-बहराइच जिले के तहत एनएच 730 पर आरोबी एवं दो फ्लाईओवर का निर्माण। लंबाई 4 किमी, लागत 297 करोड रुपये

– लखनऊ में मुंशी पुलिया चौराहे (एनएच 24 ए) पर फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण। लंबाई 2 किमी, लागत 171 करोड़ रुपये

– बलरामपुर जिले में वीर विनय चौराहे से फुलवरिया बाईपास खंड (एनएच 330) तक सीसी मार्ग का निर्माण। लंबाई 5 किमी, लागत 26 करोड़ रुपये

– गोंडा जिले में बभनान चीनी मिल के सामने एनएच 727 जी पर सीसी मार्ग का निर्माण। लम्बाई आधा किमी, लागत 4 करोड़ रुपये

लखनऊ के कार्यक्रम से निर्माण कार्य का शुभारंभ

– शाहबाद-हरदोई पैकेज 2 बी (एनएच 731) का फोरलेन चौड़ीकरण। लम्बाई 51 किमी, लागत 1210 करोड़ रुपये

– हरदोई-संडीला पैकेज 3 (एनएच 731) का फोरलेन चौड़ीकरण। लम्बाई 54 किमी, लागत 1139 करोड़ रुपये

– शाहजहांपुर-शाहबाद पैकेज 2 ए (एनएच 731) का फोरलेन चौड़ीकरण। लम्बाई 35 किमी, लागत 995 करोड़ रुपये

– खुटार-शाहजहांपुर पैकेज 1 (एनएच 731) का टू/फोरलेन चौड़ीकरण। लम्बाई 49 किमी, लागत 789 करोड़ रुपये

– संडीला-किसान पथ लखनऊ पैकेज 4 (एनएच 731) का फोरलेन चौड़ीकरण। लम्बाई 32 किमी, लागत 541 करोड़ रुपये

– खुर्रमनगर में फोरलेन फ्लाईओवर (एनएच 24 ए) का निर्माण। लंबाई 2 किमी, लागत 185 करोड़ रुपये

– मडिय़ांव लखनऊ से आईआईएम क्रॉसिंग तक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण। लंबाई 2 किमी, लागत 128 करोड़ रुपये

प्रयागराज में इन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

– पालपुर-सहसों खंड में फोरलेन आंतरिक मुद्रिका मार्ग का निर्माण। लंबाई 29 किमी, लागत 3050 करोड़ रुपये

– भगवान श्रीराम वनगमन मार्ग के सिंगरौर उपरहार से बरनपुर कादीपुर इचौली खंड (एनएच 731 ए) तक फोरलेन ग्रीन फील्ड का चौड़ीकरण एवं उन्नयन। लंबाई 26 किमी, लागत 1155 करोड़ रुपये

– भगवान श्रीराम वनगमन मार्ग के औतारपुर से सिंगरौर उपरहार खंड (एनएच 731 ए) तक फोरलेन ग्रीनफील्ड का चौड़ीकरण एवं उन्नयन। लंबाई 14 किमी, लागत 699 करोड़