सावधान ! शादी विवाह की पार्टी में खानपान में रखें खास ख्याल

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शादी विवाह पार्टियों और सर्दी के मौसम में घर परिवार में चाहे बच्चे हो या बूढ़े हो थोड़ी सी असावधानी बरतने पर अस्वस्थता का खतरा बना रहता है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय भारत सरकार के बोर्ड मेंबर और देश के जाने माने आयुर्वेदाचार्य डॉ रविंद्र पोरवाल जो श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट रोड सिविल लाइंस कानपुर के मुख्य चिकित्सक हैं, उन्होंने बहुत ही सरल सहज और घरेलू उपायों द्वारा स्वास्थ्य की रक्षा हेतु अनुभूत और लाभकारी जानकारी दी हैं।

प्रकृति से न लड़े : सर्दी के मौसम में शादी विवाह और पार्टियां खूब होती है। घर परिवार में त्योहार से जुड़े हुए या अन्य प्रकार के फंक्शन होते हैं। बच्चे और युवाओं में फैशन और दिखावा की परंपरा जोर पकड़ती जा रही है। भरपूर सर्दी में भी कम से कम कपड़े और दिखावा युवा अवस्था में भी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए भद्दे ढंग से छोटे व कसाव वाले सिंथेटिक कपड़े महिलाओं में विशेषकर नव बालाओ में आकर्षक का केन्द्र बन जाते हैं। लेकिन फैशन और प्रदर्शन की आंधी में स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है और कई प्रकार की समस्याएं व तकलीफें उत्पन्न हो जाती हैं।

बच्चों पर जरूर ध्यान दें : बच्चों को फैशन के साथ-साथ सर्दी से बचाव के लिए पूरे कपड़े पहनाए और उनके सिर तथा कान को ढकना ना भूलें। शादी या अन्य समारोह में बच्चे इधर-उधर दौड़ते खेलते समय अनेक संयोग विरुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन कर लेते हैं। इसलिए बच्चों पर निगाह रखें और बच्चों को खाने पीने पर स्वयं ध्यान दें।

सीनियर सिटीजन का सहयोग करें : शादी विवाह और पार्टियों में घर परिवार के वृद्ध लोग कार्यक्रम की शोभा होते हैं। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हैं लेकिन परिवार के सदस्यों को बूढ़ों का पार्टी में खाने पीने बैठने आदि का विशेष ख्याल रखना चाहिए। सीनियर सिटीजन को पार्टी में ले जाते समय उनके वस्त्र मौसम के अनुरूप और गरिमा में होना चाहिए। सर्दी से बचाव के लिए मफलर दस्ताने और गर्म मौजा को पहनना नहीं भूलना चाहिए, सिर से लेकर पैर तक सर्दी से बचाव के उपाय करते हुए ही वृद्ध जनों को वैवाहिक या अन्य किसी पार्टियों में ले जाना चाहिए।

खुले लान में आकाशीय ओस से सजग रहें : परिजनों को यह प्रयास करना चाहिए कि खुली लान में ज्यादा देर तक ना रुके सर्दियों में गिरने वाली ओस बच्चे जवानों और बूढ़ों सभी के लिए नुकसानदायक होती है। इसलिए खुले लान में होने वाली पार्टियों में ज्यादा देर खड़े रहने से मौसम की सर्दी का प्रकोप और आसमान से गिर रहा ओस दोनों सेहत के लिए कभी-कभी खतरनाक साबित हो जाता है। इसलिए वैवाहिक कार्यक्रमों में पंडाल हाल कमरे आदि जो भी उपलब्ध हो वहां कुर्सियों पर बैठकर ही भोजन करें और पार्टी का आनंद लें।

सब चीज ना चखे : शादी पार्टियों में भोजन तला मसालेदार होता है और उसे स्वादिष्ट बनाने के लिए, सुंदर दिखने के लिए कई प्रकार के रंग और रासायनिक तत्व भी मिला दिए जाते हैं। कमजोर पाचन शक्ति होने पर यह भोजन पेट दर्द उल्टी दस्त बुखार जैसी समस्याएं पैदा कर देता है। कई कई दिन तक अपच हो जाता है और भूख खत्म हो जाती है। उच्च रक्तचाप हृदय रोगियों दमा और मधुमेह कोलाइटिस अर्थराइटिस आदि बीमारियों से पीड़ित लोगों को शादी पार्टियों में भोजन करने में बहुत सजग होने की आवश्यकता होती है, जो आहार स्वास्थ्य के लिए हितकारी नहीं है। उसका पूरा परहेज करें। बहाना ना करें कि हमने थोड़ा सा खाना टेस्ट किया था फिर भी हमारी तबीयत खराब हो गई। जो व्यंजन हमारे शरीर के लिए हितकारी आहार नहीं है उसका सेवन ना करें।

सावधानियां भी बड़े काम की : गरमा गरम सूप पीने के तुरंत बाद ठंडी आइसक्रीम मिल्क शेक या विभिन्न प्रकार की शीतल पेय ना ले। गरमा-गरम खाना खाने के बाद कोल्ड ड्रिंक कुल्फी और आइसक्रीम का सेवन उचित नहीं है। भोजन करने के तुरंत बाद या गर्म सूप पीने के बाद या कोल्ड ड्रिंक पीने के तुरंत बाद गरम दूध ना पिए। शादी और पार्टियों में सलाद दोपहर को ही काटकर प्लेटो में सजा दिए जाते हैं। रात को इनका सेवन पार्टियों में ना करें। भूख से ज्यादा खाने की भूल भी ना करें। कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, मिल्क सेक ठंडे पेय पदार्थ का सेवन करने के 30 मिनट बाद ही गरमा गरम भोजन करना चाहिए।

पार्टियों में मिठाइयां सावधानी से ले : शादी और पार्टियों में अनेक प्रकार की मिष्ठान परोसे जाते हैं। बहुत इच्छा होने पर थोड़ा मिठाई खा लेने में कोई बुराई नहीं है। किंतु प्लेट भर भरकर रबड़ी जलेबी इमरती के साथ रबड़ी, गाजर का हलवा, दाल का हलवा, मूंग का हलवा, रसमलाई रसगुल्ले या अन्य अनेक प्रकार के मिष्ठान्न का सेवन करने से बचना चाहिए।

नियमित दवाइयों का सेवन करना न भूलें : शादी और पार्टी से लौटने के बाद थकान देर रात्रि का बहाना करके नियम पूर्वक ली जाने वाली दवाइयों को नहीं छोड़ना चाहिए। उच्च रक्तचाप हृदय रोगों दमा डायबिटीज जैसी बीमारियों की दवाई नियमित रूप से ली जानी चाहिए। इसलिए रात्रि विश्राम करने से पूर्व इनका सेवन चिकित्सक के परामर्श के अनुसार
करना चाहिए। शादी पार्टियों और फैमिली फंक्शन से वापस घर लौटते ही कढ़वी खट्टी डकार गले और छाती में जलन, पेट में दर्द या बार बार उल्टी दस्त होने पर तुरंत घरेलू उपचार करना चाहिए। विशेषकर बूढ़ों और बच्चों को होने वाली इस प्रकार की समस्याओं के प्रति पूरी तरह सतर्कता रखनी चाहिए। समस्या बढ़ने पर चिकित्सक का परामर्श लेने में विलंब ना करें।